Cyber Crime Advocate for Pornography Blackmail

Pornography blackmail is a growing form of cybercrime where victims are lured or tricked into sharing private or explicit content online, and then blackmailed for money or favors. यह एक ऐसा अपराध है जिसमें साइबर अपराधी पीड़ित के निजी वीडियो या फोटो का दुरुपयोग करके उसे मानसिक प्रताड़ना देते हैं और पैसों की मांग करते हैं।

अगर आप या आपके किसी परिचित को इस प्रकार की धमकी मिल रही है, तो तुरंत किसी अनुभवी Cyber Crime Lawyer से संपर्क करें।


Common Tactics Used in Pornography Blackmail | ब्लैकमेल के आम तरीके

  1. Sextortion through Fake Profiles – नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर बातों में फंसाना।

  2. Video Call Recording – वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेना।

  3. Phishing Links – अश्लील साइट्स या लिंक भेजकर डिवाइस हैक कर लेना।

  4. Social Media Hacking – सोशल मीडिया अकाउंट्स हैक कर के ब्लैकमेल करना।


Applicable Legal Sections in India | भारत में लागू कानून

  1. IPC Section 384 – Extortion (जबरन वसूली)

  2. Section 66E of IT Act – Violation of privacy (निजता का उल्लंघन)

  3. Section 67, 67A of IT Act – Publishing or transmitting obscene material

  4. IPC Section 506 – Criminal intimidation (आपराधिक धमकी)


What to Do if You Are a Victim? | अगर आप पीड़ित हैं तो क्या करें?

  • Do not panic or pay – डरें नहीं और पैसे न दें।

  • Take screenshots – सबूत के लिए स्क्रीनशॉट रखें।

  • Block the person – ब्लैकमेल करने वाले को तुरंत ब्लॉक करें।

  • Report to cybercrime.gov.in – भारत सरकार की साइबर सेल पर शिकायत दर्ज करें।

  • Contact a Cyber Crime Lawyer immediately – किसी अनुभवी साइबर क्राइम एडवोकेट से कानूनी मदद लें।


Role of Cyber Crime Lawyer | साइबर क्राइम वकील की भूमिका

  • FIR दर्ज कराने में सहायता

  • सबूत इकट्ठा करने में गाइड करना

  • अदालत में प्रभावी पक्ष रखना

  • पीड़ित की निजता और सम्मान की रक्षा करना


Safety Tips to Stay Protected | साइबर अपराध से बचने के उपाय

  1. Never share private content online – कोई भी निजी जानकारी या वीडियो शेयर न करें।

  2. Do not accept unknown friend requests – अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर जुड़ने से बचें।

  3. Use two-factor authentication – अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को सुरक्षित बनाएं।

  4. Regularly update passwords – अपने पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें।

  5. Avoid clicking suspicious links – किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।


Disclaimer 

This blog is for informational purposes only and does not constitute legal advice or solicitation. Readers are advised to consult a qualified cyber law expert before taking any legal action.

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