court order process for recover fraud money

आज के डिजिटल युग में, जहां ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं, वहीं ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड (Online Banking Fraud) के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अगर आप भी किसी साइबर फ्रॉड या बैंकिंग धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं और आपके बैंक खाते को साइबर सेल द्वारा फ्रीज कर दिया गया है, तो यह ब्लॉग आपके लिए है।

Top Cyber Crime Lawyer in Gurgaon

Advocate Deepak, एक अनुभवी साइबर क्राइम लॉयर हैं जो देशभर में सैकड़ों लोगों की मदद कर चुके हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के बाद कोर्ट से ऑर्डर कैसे लिया जाता है और उससे आपका पैसा वापस कैसे मिल सकता है।


Step-by-Step Court Order लेने की प्रक्रिया:

1. Fraud की जानकारी इकट्ठा करें (Gather Evidence):
सबसे पहले अपने साथ हुए फ्रॉड की पूरी जानकारी एकत्र करें जैसे:

  • Transaction ID

  • WhatsApp chat / Call recording

  • Fraudster के नंबर और UPI details

  • Bank statements

2. FIR दर्ज कराएं / NCRP में शिकायत दर्ज करें:
आप नजदीकी साइबर सेल या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। FIR या complaint number ज़रूरी होगा कोर्ट में पेश करने के लिए।

3. बैंक में सूचना दें:
अपने बैंक को तुरंत ईमेल और लिखित रूप में सूचित करें कि आपने साइबर फ्रॉड की शिकायत की है और वे जांच तक खाते को सुरक्षित रखें।

4. Cyber Crime Lawyer से संपर्क करें:
एक अनुभवी वकील जैसे Advocate Deepak से सलाह लें। वे आपके केस की legal drafting, petition file करना, और court hearing manage करते हैं।

5. Court में Petition दाखिल करना (Filing Petition in Court):
वकील के माध्यम से कोर्ट में Section 156(3) CrPC के तहत petition दाखिल की जाती है। इसमें request किया जाता है कि पुलिस मामले की proper जांच करे और बैंक खाते से block amount को release करने का आदेश दे।

6. Court Hearing & Order:
जज के सामने proper evidence पेश करने के बाद, कोर्ट cyber cell या बैंक को आदेश देता है कि निर्दोष होने की स्थिति में आपका पैसा वापस किया जाए या खाता अनफ्रीज किया जाए।

Visit for more info – https://bestcybercrimelawyer.in/2025/07/28/online-banking-fraud-court-order-process/


Sections Relevant to Online Banking Fraud:

  • IPC Section 420 – धोखाधड़ी और विश्वासघात

  • Section 66C & 66D of IT Act – पहचान की चोरी और धोखाधड़ी

  • Section 43 & 65 – Unauthorized access और Data damage


Cyber Safety Tips by Advocate Deepak:

  1. OTP, UPI PIN कभी किसी से साझा न करें

  2. अज्ञात लिंक या ऐप पर क्लिक न करें

  3. Public Wi-Fi पर banking न करें

  4. अपने बैंक ट्रांजैक्शंस पर SMS alert रखें

  5. Suspicious activity तुरंत cyber cell में रिपोर्ट करें


Why Advocate Deepak is the Best Cyber Crime Lawyer in India:

  • Years+ of Experience in Cyber Crime Laws

  • Specialization in Court Order for Bank Freeze & Online Scam

  • Expert in handling Section 66D, 420 IPC & IT Act cases

  • Thousands of successful case recoveries

  • Personalized legal support across India

  • Professional background: B.Sc, LLB, MBA, MeBA, DDM

  • Strategic understanding of both Legal & Digital platforms


Conclusion:

अगर आप भी ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हुए हैं या आपका बैंक खाता Freeze हो गया है, तो घबराएं नहीं। उचित कानूनी प्रक्रिया से कोर्ट का आदेश प्राप्त कर सकते हैं और अपने पैसे की recovery कर सकते हैं।

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